स्कूलों में कोई करे बुलिंग, हेल्पलाइन नंबर हैं ना.

 


स्कूलों में कोई करे बुलिंग, हेल्पलाइन नंबर हैं ना.



सार


-बुलिंग या रैगिंग होने पर 1800116888 पर कर सकते हैं शिकायत
-सरकारी स्कूलों में बुलिंग को लेकर सख्त हुए शिक्षा निदेशालय
-स्कूल स्तर की एंटी बुलिंग कमेटी सदस्यों के नंबर स्कूलों में प्रदर्शित होंगे
-शिकायत बक्से भी लगेंगे, कमेटी शिकायतों को करेगी मॉनिटर

 

विस्तार


दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में किसी भी प्रकार की बुलिंग (बच्चों की बदमाशी) को रोकने की दिशा में एक कदम और बढ़ाया है। सरकारी स्कूल में कोई छात्र किसी अन्य छात्र की बुलिंग करें तो वह एंटी बुलिंग हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।
 

बुलिंग को लेकर सख्ती दिखाते हुए शिक्षा निदेशालय ने एंटी बुलिंग हेल्पलाइन नंबर 180011688/10580 जारी किया गया है। बच्चे इन टोल फ्री नंबरों पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रमुखों को इस हेल्पलाइन नंबर को स्कूल परिसर में महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रदर्शित करने के लिए कहा है।

स्कूल परिसर में बच्चों द्वारा एक दूसरे की बुलिंग करने की शिकायतें आती रहती हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में एक स्वस्थ माहौल बनाने व बुलिंग व रैगिंग से पूरी तरह मुक्त रखने के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूलों को कहा गया है कि प्रमुख स्थानों पर यह संदेश लगाएं कि बदमाशी करना एक दंडनीय कार्य है। छात्र स्कूल स्तर की एंटी बुलिंग कमेटी से शिकायत कर सकें इसके लिए सभी कमेटी सदस्यों के नंबर कक्षाओं में लगाने के लिए कहा गया है। साथ ही उन नंबरों की जानकारी प्रार्थना सभा के दौरान भी बच्चों को दी जाए। 


 



निदेशालय की ओर से स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि वह अपने कार्यालय के बाहर व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर शिकायत बक्से भी स्थापित करें, जिससे कि बच्चे को शिकायत करने में आसानी हो। इन बक्सों में आई शिकायतों को स्कूल स्तर की कमेटी मॉनिटर करेगी। स्कूल प्रमुख इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि इन शिकायतों का यथोचित समाधान निकले।

प्रत्येक स्कूल को बुलिंग की रोकथाम की कार्रवाई की रिपोर्ट जिला स्तर की एंटी बुलिंग कमेटी को हर माह देनी होगी। स्कूलों को इस बात का ध्यान रखना है कि बच्चा किसी को धमकता, परेशान करता है या हेकड़ी दिखाता है तो वह स्कूल कैंपस में पूरी तरह से निषेध है। उल्लेखनीय है कि निदेशालय ने बीते साल बुलिंग व रैगिंग किए जाने पर बच्चे को लिखित चेतावनी से लेकर निलंबन तक करने केनिर्देश दिए थे।

सीबीएसई ने स्कूलों को क्रोध मुक्त जोन बनाने के लिए कहा 
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बीते माह के अंत में ही स्कूलों को क्रोध मुक्त जोन बनाने के लिए का था। बोर्ड का कहना है कि बच्चों के समग्र विकास के लिए स्कूलों को नकारात्मक रहित होना चाहिए। इससे छात्रों केस्किल डेवलपमेंट में भी मदद मिलेगी। क्रोध मुक्त जोन में बच्चे गुस्से को नियंत्रित करना सीखेंगे।